WCL Wage Dispute | ठेकेदार की मनमानी, वेकोली की चुप्पी?

Mahawani
0
Jai Bhawani Labor Union office bearer while giving a statement to WCL Ballarpur

बल्लारपुर क्षेत्र में चार माह से मजदूरी बकाया, मजदूरों के सामने भुखमरी का संकट

WCL Wage Disputeराजुरा | देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने वाले कोयला क्षेत्र में अगर मजदूर ही भूखे रहने को मजबूर हों, तो यह केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं, बल्कि एक गहरी सामाजिक विफलता और श्रम कानूनों का खुला उल्लंघन है। वेकोली (वेस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड) के बल्लारपुर क्षेत्र के अंतर्गत कार्यरत ठेकेदार ए. आर. कंस्ट्रक्शन द्वारा वाहन चालक, सुपरवाइज़र, क्रशर ऑपरेटर और हेल्पर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर २४ घंटे काम करने वाले मजदूरों का सितंबर से दिसंबर २०२५ तक का चार महीने का वेतन जानबूझकर रोके जाने का गंभीर मामला सामने आया है। बार-बार मौखिक और लिखित मांग के बावजूद ठेकेदार द्वारा टालमटोल की नीति अपनाने से मजदूरों और उनके परिवारों पर भुखमरी की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

WCL Wage Dispute

कोयला परिवहन, क्रशर संचालन और खदानों से जुड़ा यह कार्य अत्यंत जोखिमपूर्ण है। मजदूर दिन-रात शिफ्टों में काम करते हैं, जहां दुर्घटना, स्वास्थ्य समस्याएं और जान का खतरा हमेशा बना रहता है। इसके बावजूद महीनों तक वेतन न मिलना न केवल अमानवीय है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि कंत्राटी व्यवस्था में मजदूरों को कितना असुरक्षित बना दिया गया है। कई मजदूरों ने बताया कि घर का किराया, बच्चों की पढ़ाई, राशन और दवाइयों के लिए पैसे न होने के कारण उन्हें साहूकारों से कर्ज लेना पड़ा है, जिससे उनकी स्थिति और भी बदतर हो गई है।

WCL Wage Dispute

इस अन्याय से त्रस्त होकर मजदूरों ने जय भवानी कामगार संघटना के संस्थापक अध्यक्ष सुरज ठाकरे के पास शिकायत आवेदन दिया। आवेदन में मजदूरों ने न केवल बकाया वेतन का उल्लेख किया, बल्कि उससे पैदा हुई सामाजिक और पारिवारिक त्रासदी को भी विस्तार से सामने रखा। मजदूरों का आरोप है कि ठेकेदार (A. R. Construction) ए. आर. कंस्ट्रक्शन हर बार “अगले हफ्ते पैसे मिल जाएंगे” या “कंपनी से भुगतान नहीं आया” जैसे बहाने बनाकर समय निकालता रहा। यह रवैया ठेकेदार की मंशा पर तो सवाल उठाता ही है, साथ ही वेकोली प्रशासन की भूमिका को भी कटघरे में खड़ा करता है।

WCL Wage Dispute

मामले की गंभीरता को देखते हुए १२ जनवरी २०२६ को जय भवानी कामगार संघटना ने सीधे हस्तक्षेप किया। संघटना के संस्थापक अध्यक्ष सुरज ठाकरे के नेतृत्व में संघटना के पदाधिकारी और समस्त मजदूरों ने मुख्य प्रबंधक, वेकोली बल्लारपुर क्षेत्र, राजुरा के कार्यालय में जाकर लिखित निवेदन सौंपा। इस निवेदन में साफ शब्दों में कहा गया कि भले ही मजदूर ठेकेदार के अधीन कार्यरत हों, लेकिन कानून के अनुसार ‘प्रिंसिपल एम्प्लॉयर’ होने के नाते मजदूरों के वेतन की अंतिम और कानूनी जिम्मेदारी वेकोली की ही बनती है।

WCL Wage Dispute

श्रम कानून स्पष्ट रूप से कहते हैं कि यदि ठेकेदार मजदूरी भुगतान करने में विफल रहता है, तो प्रिंसिपल एम्प्लॉयर को वह वेतन तत्काल अदा करना होता है। इसके बावजूद चार महीने तक मजदूरों का वेतन अटका रहना यह दर्शाता है कि वेकोली प्रशासन ने या तो जानबूझकर आंखें मूंद रखी हैं या फिर ठेकेदार को अप्रत्यक्ष संरक्षण दिया जा रहा है। यह सवाल अब केवल मजदूरों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह सार्वजनिक क्षेत्र की जवाबदेही पर भी सीधा हमला है।

WCL Wage Dispute

निवेदन के दौरान संघटना पदाधिकारियों ने अधिकारियों को आगाह किया कि यदि वेकोली ने तुरंत हस्तक्षेप कर मजदूरों का चार माह का बकाया वेतन ब्याज सहित अदा नहीं किया, तो मजबूरी में जय भवानी कामगार संघटना समस्त मजदूरों और उनके परिवारों के साथ वेकोली कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन उपोषण अथवा उग्र आंदोलन शुरू करेगी। यह चेतावनी केवल औपचारिक नहीं है, बल्कि मजदूरों के जीवन-मरण से जुड़ा प्रश्न है, ऐसा संघटना ने स्पष्ट किया।

WCL Wage Dispute

इस अवसर पर सुरज ठाकरे ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “कंत्राटदार गया खड्ड में! मजदूरों के चार महीने के वेतन की जिम्मेदारी वेकोली की है और उसे तुरंत भुगतान करना चाहिए।” उन्होंने कहा कि जिन हाथों से देश का कोयला निकाला जाता है, उन्हीं हाथों को अगर खाली रखा जाए, तो यह व्यवस्था की सबसे बड़ी विफलता है। जय भवानी कामगार संघटना मजदूरों के हक के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगी, चाहे वह प्रशासनिक हो, कानूनी हो या सड़क पर उतरकर किया जाने वाला आंदोलन।

WCL Wage Dispute

निवेदन सौंपते समय जय भवानी कामगार संघटना के सचिव श्री राहुल चव्हाण, तालुका अध्यक्ष राजुरा श्री संतोष मेश्राम, युवा शहराध्यक्ष राजुरा श्री रोहित बत्ताशंकर, श्री निखिल बजाईत, श्री आकाश आईटलावार सहित बड़ी संख्या में मजदूर उपस्थित थे। विक्रम रंगारी, विनोद केसकर, चंदन निषाद, निलेश भोयर, रामेश्वर सूर्यवंशी, राजेंद्र भगत, मनोज वर्मा, मंगेश टेकाम, मनोज केसकर, रवीकांत पिपंळकर, पंकज गुमल्यावर, राकेश रामीलावार, रुहाब अहमद, अमोल बुरडकर, संतोष तुरनाकर, शिवप्रसाद वर्मा, प्रतीक मानकर, संतोष लांडे, शुभम ठाकरे, राहुल लांडे जैसे अनेक मजदूरों की मौजूदगी ने यह साफ कर दिया कि यह समस्या किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे श्रमिक वर्ग की है।

WCL Wage Dispute

इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि वेकोली जैसे बड़े सार्वजनिक उपक्रम में ठेकेदारों पर निगरानी और नियंत्रण की व्यवस्था कितनी कमजोर है। कंत्राट देते समय क्या ठेकेदार की आर्थिक क्षमता और मजदूरी भुगतान की विश्वसनीयता की जांच की जाती है या नहीं, यह प्रश्न अब गंभीर रूप से उठ खड़ा हुआ है। मजदूरों का वेतन रोककर भी ठेकेदार पर कोई ठोस कार्रवाई न होना प्रशासनिक उदासीनता को उजागर करता है।

WCL Wage Dispute

चार महीने तक वेतन न मिलना केवल आर्थिक संकट नहीं, बल्कि सामाजिक अपमान भी है। इसका अर्थ है चार महीने तक बच्चों की पढ़ाई पर असर, इलाज में देरी और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष। ऐसे में वेकोली प्रशासन का यह नैतिक और कानूनी दायित्व है कि वह केवल आश्वासन न दे, बल्कि तुरंत ठोस निर्णय लेकर मजदूरों को उनका हक दिलाए।

WCL Wage Dispute

जय भवानी कामगार संघटना द्वारा दिया गया अल्टीमेटम अब व्यवस्था के लिए अंतिम चेतावनी है। मजदूरी कोई भीख नहीं, बल्कि मजदूर के पसीने की कीमत है। यदि यह कीमत समय पर नहीं चुकाई गई, तो संघर्ष अपरिहार्य है और उस संघर्ष की पूरी जिम्मेदारी वेकोली प्रशासन और संबंधित ठेकेदार की ही होगी।


What is the core issue in the WCL Ballarpur case?
Contract workers have not received their wages for four consecutive months despite continuous work.
Who is responsible for paying the pending wages legally?
As the principal employer, WCL is legally responsible if the contractor fails to pay wages.
How have workers responded to the non-payment?
Workers, supported by a labour union, submitted a formal demand and warned of protests if dues are not cleared.
What action has been demanded from WCL?
Immediate payment of all pending wages with interest and strict action against the defaulting contractor.


#WCL #Ballarpur #CoalWorkers #WageDispute #UnpaidWages #LabourRights #ContractWorkers #PrincipalEmployer #CoalIndia #WorkersProtest #TradeUnion #JayBhavaniKamgarSanghatana #SurajThakre #IndustrialNews #IndiaLabour #WageJustice #WorkersStruggle #CoalSector #PublicSector #LabourLaw #WorkersVoice #WCLNews #BallarpurNews #Rajura #MaharashtraNews #LabourCrisis #ContractorMisconduct #WageArrears #WorkersDemand #UnionAction #IndustrialProtest #CoalMining #WorkersWelfare #LabourMovement #EconomicJustice #IndiaNews #BreakingNews #WorkersRightsNow #FairWages #Accountability #PSUNews #CoalBelt #LabourIssue #UnionStrong #WorkersUnity #JusticeForWorkers #PayWagesNow #MahawaniNews #VeerPunekarReport #HindiNews #MarathiNews #VidarbhNews #BallarpurNews #RajuraNews #SurajThakre

टिप्पणी पोस्ट करा

0 टिप्पण्या
टिप्पणी पोस्ट करा (0)

#buttons=(Ok, Go it!) #days=(20)

Our website uses cookies to enhance your experience. Learn More
Ok, Go it!
To Top